![]() |
| एम. ए. हिन्दी साहित्य तृतीय सेमेस्टर चतुर्थ प्रश्नपत्र :तुलसीदास (वैकल्पिक), PYQ 2022. |
December 2022
M. A. III Semester Examination
HINDILITERATURE
चतुर्थ प्रश्नपत्र : तुलसीदास (वैकल्पिक )
3 Hours] [Max. Marks: Regular 85 / Private 100][Min. Marks: Regular 28/ Private 33]
नोट: यह प्रश्नपत्र सभी नियमित एवं स्वाध्यायी परीक्षार्थियों के लिए है। सभी पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिये। सभी प्रश्नों के अंक समान हैं । दृष्टि बाधित परीक्षार्थियों के लिये 60 मिनिट अतिरिक्त समय की अनुमति है।
1.निम्नलिखित में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए
(अ) कटि तूनीर पीत पट बाँदे । कर सर धनुष वाम वर काँधे ।।
पीत जग्य उपबीत सुहाए। नख शिख मंजु महाछवि छाए।।
देखि लोग सब भए सुखारे । नख शिख मंझु महाछवि छाए।।
हरषे जनकु देखि दोउ भाई । मुनि पद कमल गहे तब जाई ।।
(ब) देखी विपिल विकल बैदेही । निमिष विहात कलप सम तेही।।
तृषित नारि बिनु जो तनु त्यागा। मुएँ करइ का सुधा तड़ागा।।
का बरषा सब कृषि सुखाने । समय चुकें पुनि का पछितानें।।
अस जिये जानि जानकी देखी। प्रभु पुलके लखि प्रीति विसेपी।।
गुरहि प्रनामु मनहिं मन कीन्हा । अति लाघवँ उठाइ धनु लीन्हा।।
दमकेउ दामिनि जिमि जब लयऊ । पुनि नभ धनु मंडल सम भयऊ।।
(स) समाचार कहि जनक जुनाए । जेहि कारन महीप सब आए ।
सुनत वचन फिरि अनत निहारे । देखे चाप खंड भहि डारे ।।
(द)अति रिस बोले वचन कटोरा कहु जड़ जनक धनुष कै तोरा।।
बेगि देखाउ मूढ़ न त आजू । उलटउँ महि जहँ लहि तव राजू ।।
(इ) प्रिया हास रिस परिहरहि भागु विचारि विवेकु ।
जेहिं देखौं अब नयन भरि भरत राज अभिषेकुं ॥
जिऐ मीन बरु बारि बिहीना । मनि बिनु फनिकु लिऐ दुख दीना ।
कहउँ सुभाउ न छलु मन माँही । जीवनु मोर राम बिनु नाहीं ॥
समुझि देखु जियँ प्रिया प्रवीना । जीवनु राम दरस आधीना ।।
सुनि मृदु वचन कुमति अति जरई । मनहुँ अनल आहुति धृत परई ॥
2. रामचरित मानस में वर्णित सामाजिक पृष्ठभूमि का उल्लेख कीजिए ।
अथवा
तुलसी की लोकप्रियता पर प्रकाश डालिए ।
3. महाकाव्य के तत्वों के आधार पर रामचरितमानस की समीक्षा कीजिए ।
अथवा
‘रामचरितमानस' आज भी भारतीय परम्परा का आदर्श है। सिद्ध कीजिए ।
4. राम काव्य धारा में रामचन्द्रिका, साकेत व रामचरितमानस के कथानक व भाषा-शैली की दृष्टि से तुलना कीजिए।
अथवा
तुलसीदास के समन्वयवाद पर प्रकाश डालिए ।
5. निम्न में से किन्हीं दो पर टिप्पणी लिखिए:
(अ) दोहावली की काव्यगत विशेषताएं।
(ब) पार्वती मंगल की विशेषताएं।
(स) जानकी मंगल का सार तत्व।
(द) भक्ति काल में तुलसीदास जी की देन ।
यह भी पढ़े >>>
(1). एम. ए. हिन्दी साहित्य तृतीय सेमेस्टर द्वितीय प्रश्नपत्र :भाषा विज्ञान एवं हिन्दी भाषा, PYQ 2022.
(2). एम. ए. हिन्दी साहित्य तृतीय सेमेस्टर प्रथम प्रश्नपत्र :आधुनिक हिन्दी काव्य और उसका इतिहास, PYQ 2022.
